Devotional Path

Jeen Mata Chalisa

A dedicated page for Jeen Mata with sections for lyrics, meaning, benefits, and simple recitation guidance.

106 Chalisa Pages

Jeen Mata Chalisa Lyrics

श्री जीण माता चालीसा

॥ दोहा ॥

श्री गुरु पद सुमरण करूं, गौरी नंदन ध्याय।
वरणो माता जीण यश, चरणों शीश नवाय॥

झाँकी की अदभुद छवि, शोभा वर्णी न जाय।
जो नित सुमरे माय को, कष्ट दुर हो जाय॥

॥ चौपाई ॥

जय श्री जीणभक्त सुखकारी।
नमो नमो भक्तन हितकारी॥

दुर्गा की तुम हो अवतारा।
सकल कष्ट तु मेट हमारा॥

महाभयंकर तेज तुम्हारा।
महिषासुर सा दुष्ट संहारा॥

कंचन छत्र शिष पर सोहे।
देखत रूप चराचर मोहे॥

तुम क्षत्रीधर तनधर लिन्हां।
भक्तों के सब कारज किन्हां॥

महाशक्ति तुम सुन्दर बाला।
डरपत भूत प्रेत जम काला॥

ब्रहमा विष्णु शंकर ध्यावे।
ऋषि मुनि कोई पार न पावे॥

तुम गौरी तुम शारदा काली।
रमा लक्ष्मी तुम कपाली॥

जगदम्बा भवरों की रानी।
मैया मात तू महाभवानी॥

सत पर तजे जीण तुम गेहा।
त्यागा सब से क्षण में नेहा॥

महातपस्या करनी ठानी।
हरष खास था भाई ज्ञानी॥

पिछे से आकर समझाई।
घर वापिस चल माँ की जाई॥

बहुत कही पर एक ना मानी।
तब हरसा यूँ उचरी बानी॥

मैं भी बाई घर नहीं जाऊँ।
तेरे साथ राम गुण गाऊँ॥

अलग अलग तप स्थल किन्हां।
रैन दिवस तप मैं चितदीन्हा॥

तुम तप कर दुर्गात्व पाया।
हरषनाथ भैरू बन छाया॥

वाहन सिंह खडक कर चमके।
महातेज बिजली सा दमके॥

चक्र गदा त्रिशूल विराजे।
भागे दुष्ट जब दुर्गा जागे॥

मुगल बादशाह चढकर आया।
सेना बहुत सजाकर लाया॥

भैरव का मंदिर तुड़वाया।
फिर वो इस मंदिर पर धाया॥

यह देख पुजारी घबराये।
करी स्तुति मात जगाये॥

तब माता तु भौरें छोडे।
सेना सहित भागे घोड़े॥

बल का तेज देख घबराया।
जा चरणों में शीश नवाया॥

क्षमा याचना किन्हीं भारी।
काट जीण मेरी सब बेमारी॥

सोने का वो छत्र चढ़ाया।
तेल सवामन और बंधाया॥

चमक रही कलयुग में माई।
तीन लोक में महिमा छाई॥

जो कोई तेरे मंदिर आवे।
सच्चे मन से भोग लगावे॥

रोली वस्त्र कपूर चढ़ावे।
मनवांछित पूर्ण फल पावे॥

करे आरती भजन सुनावे।
सो नर शोभा जग में पावे॥

शेखा वाटी धाम तुम्हारा।
सुन्दर शोभा नहीं सुम्हारा॥

अश्विन मास नौराता माही।
कई यात्री आवे जाही॥

देश-देश से आवे रेला।
चैत मास में लागे मेला॥

आवे ऊँट कार बस लारी।
भीड़ लगे मेला में भारी॥

साज-बाज से करते गाना।
कई मर्द और कई जनाना॥

जात झडुला चढे अपारा।
सवामणी का पाऊ न पारा॥

मदिरा में रहती मतवाली।
जय जगदम्बा जय महाकाली॥

जो कोई तुम्हरे दर्शन पावे।
मौज करे जुग-जुग सुख पावे॥

तुम्ही हमारी पितु और माता।
भक्ति शक्ति दो हे दाता॥

जीण चालीसा जो कोई गावे।
सो सत पाठ करे करवावे॥

मैया नैया पार लगावे।
सेवक चरणों में चित् लावे॥

॥ दोहा ॥

जय दुर्गा जय अंबिका जग जननी गिरी राय।
दया करो हे चंडिका विनऊ शीश नवाय॥

Jeen Mata Chalisa Meaning

Write a simple explanation of the Chalisa here. This section can include verse-by-verse meaning, devotional context, and the qualities of Jeen Mata.

Benefits of Jeen Mata Chalisa

  • Helps create focus and devotion during daily prayer.
  • Can be recited during vrat, pooja, festivals, and personal sadhana.
  • Supports remembrance of Jeen Mata and the teachings connected with this path.

Jeen Mata Chalisa Path Vidhi

  1. Clean the pooja place and sit calmly before starting.
  2. Light a diya and offer flowers, water, or prasad as per your tradition.
  3. Recite the Chalisa with a steady mind and complete it with a short prayer.

Jeen Mata Chalisa FAQs

How should I read Jeen Mata Chalisa?

Sit in a clean and calm place, light a diya if possible, remember Jeen Mata, and recite the Chalisa with devotion and a steady mind.

What are the benefits of Jeen Mata Chalisa?

Regular recitation supports devotion, focus, positive thinking, and remembrance of the teachings and blessings connected with Jeen Mata.

Is audio available for Jeen Mata Chalisa?

When an MP3 file is available in the Chalisa audio folder, this page shows an audio player. Related devotional listening links are also provided.