Devotional Path

Sankata Chalisa

A dedicated page for Maa Sankata with sections for lyrics, meaning, benefits, and simple recitation guidance.

106 Chalisa Pages

Sankata Chalisa Lyrics

॥ संकटा चालीसा ॥

॥ दोहा ॥

जगत जननि जगदम्बिके, अरज सुनहु अब मोर।
बन्दौं पद-जुग ना सिर, विनय करौं कर जोर।

॥ चौपाई ॥

जय जय जय संकटा भवानी।
कृपा करहु मोपर महरानी॥

हाथ खड्ग भृकुटी विकराला।
अरुण नयन गल में रुण्डमाला॥

कानन कुण्डल की छवि भारी।
हिय हुलसे मन होत सुखारी॥

केहरि वाहन है तव माता।
कष्ट निवारो जग-जन त्राता॥

आयुँ शरन तिहारो अम्बे।
अभय करहु मोको जगदम्बे॥

शरन आइ जो तुमहिं पुकारा।
बिन बिलम्ब तुम ताहि उबारा॥

भीर परी भक्तन पर जब-जब।
किया सहाय मातु तुम तब-तब॥

रक्तबीज दानव तुम मारे।
शुम्भ-निशुम्भ के उदर बिदारे॥

महिषासुर नृप अति बलबीरा।
मारे मरै न अति रणधीरा॥

करि सङ्ग्राम सकल सुर हारे।
अस्तुति करि तब तुमहिं पुकारे॥

प्रकटेउ कालि रूप में माता।
सेन सहित तुम ताहि निपाता॥

तेहि के बध सब देवन हरषे।
नभदुन्दुभि सुमन बहु बरषे॥

रक्षा करहु दीन जन जानी।
जय जय जय जगदम्ब भवानी॥

सब जीवन्ह की हो प्रतिपालक।
जय जग-जननि दनुजकुल घालक।

सकल सुरन की जीवनदाता।
सङ्कट हरो हमारी माता॥

सङ्कट नाशक नाम तुम्हारा।
सुयस तुम्हार सकल संसारा॥

सुर नर नाग असुर मुनि जेते।
गावत गुणगन निशिदिन तेते॥

योगी निशिवासर तव ध्यावहिम्।
तदपि तुम्हार अन्त न पावहिम्॥

अतुल तेज मुख पर छवि सोहै।
निरखि सकल सुर नर मुनि मोहै॥

चरण-कमल में शीश झुकाऊँ।
पाहि पाहि कहि नितहि मनाऊँ॥

नेति नेति कह वेद बखाना।
शक्ति-स्वरूप तुम्हार न जाना॥

मैं मूरख किमि कहौं बखानी।
नाम तुम्हार अनेक भवानी॥

सुमिरत नाम कटै दुःख भारी।
सत्य बात यह वेद उचारी॥

नाम तुम्हार लेत जो कोई।
ताको भय सङ्कट नहिं होई॥

सङ्कट आय परै जो कबहीम्।
नाम लेत बिनसत है तबहीम्॥

प्रेम-सहित जो जपै हमेशा।
ताके तन नहिं रहे कलेशा॥

शरणागत होइ जो जन आवैम्।
मनवाञ्छित फल तुरतहिं पावैम्॥

रणचण्डी बन असुर संहारा।
बन्धन काटि कियो छुटकारा॥

नाम सकल कलि-कलुष नसावन।
सुमिरत सिद्ध होय नरपावन॥

षोडश पूजन करै जो कोई।
इच्छित फल पावै नर सोई॥

जो नारी सिन्दूर चढ़ावै।
तासु सोहाग अचल होइ जावै॥

पुत्र हेतु जो पूजा करहीम्।
सन्तति-सुख निश्चय सो लहहीम्॥

और कामना करै जो कोई।
ताके घर सुख सम्पति होई॥

निर्धन नर जो शरन में आवै।
सो निश्चय धनवान कहावै॥

रोगी रोगमुक्त होइ जावै।
तव चरणन जो ध्यान लगावै॥

सब सुख-खानि तुम्हारी पूजा।
एहि सम आन उपाय न दूजा॥

पाठ करै संकटा चालीसा।
तेहि पर कृपा करहिं गौरीसा॥

पाठ करै अरु सुनै सुनावै।
वाको सब संकट मिटि जावै॥

कहँ लगि महिमा कहौं तुम्हारी।
हरहु वेगि मोहिं संकट भारी॥

मम कारज सब पूरन कीजै।
दीन जानि मोहिं अभय करीजै॥

॥ इति संकटा चालीसा समाप्ता ॥

Sankata Chalisa Meaning

Write a simple explanation of the Chalisa here. This section can include verse-by-verse meaning, devotional context, and the qualities of Maa Sankata.

Benefits of Sankata Chalisa

  • Helps create focus and devotion during daily prayer.
  • Can be recited during vrat, pooja, festivals, and personal sadhana.
  • Supports remembrance of Maa Sankata and the teachings connected with this path.

Sankata Chalisa Path Vidhi

  1. Clean the pooja place and sit calmly before starting.
  2. Light a diya and offer flowers, water, or prasad as per your tradition.
  3. Recite the Chalisa with a steady mind and complete it with a short prayer.

Sankata Chalisa FAQs

How should I read Sankata Chalisa?

Sit in a clean and calm place, light a diya if possible, remember Maa Sankata, and recite the Chalisa with devotion and a steady mind.

What are the benefits of Sankata Chalisa?

Regular recitation supports devotion, focus, positive thinking, and remembrance of the teachings and blessings connected with Maa Sankata.

Is audio available for Sankata Chalisa?

When an MP3 file is available in the Chalisa audio folder, this page shows an audio player. Related devotional listening links are also provided.